ईद मुबारक !! कोरोना की भयावहता के बीच शव्वाल की पहली चांद रात खुशियों का पैगाम लायी है….
कोरोना की दूसरी लहर के बीच रमजान माह की इबादतों और रोजे के बाद ईद-उल फितर का त्योहार मुसर्रतों का आगाज है और खुशियों की आहट है।
ईद का पैगाम लेकर आने वाले चांद रात या अल्फा का यही संदेश है कि हम सब एक दूसरे के मददगार बनें। आज पूरी दुनिया जब मानवता पर आई संकट से जूझ रही है तब ईद की असल खुशी भी इसी में है।
अजय नाथ झा